अंतिम लक्ष्य

अंतिम लक्ष्य

“
जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं। अपने हर लक्ष्य को पाने के लिए खुद को पूरी तरह झोंक दो।
👁️ 2 बार पढ़ा गया ❤️ लोगों ने पसंद किया

टिप्पणियाँ

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।

लॉगिन करके टिप्पणी करें। प्रकाशित होने से पहले हर टिप्पणी की समीक्षा होती है।

संबंधित शायरी (Related Shayari)

कर्म की पहचान

किस्मत के भरोसे जो बैठे रहते हैं, उनके हाथ हमेशा खाली ही रहते हैं। मेहनत का दीप जलाओ अपने हाथों से, अंधेरे भी खुद-ब-खुद रास्ता देते हैं।