कठिनाइयों की रातें चाहे जितनी लंबी हों, मेहनत का सूरज उगकर ही रहता है। हर ठोकर एक नया सबक देती है, जो तुम्हें तुम्हारी मंजिल के और करीब ले जाती है।
खोज
Popular: विश्वास, लघु कथाएँ, गुड नाईट, प्रेम कहानी, प्यार की शायरी, एटिट्यूड शायरी, गुड मॉर्निंग, रोमांटिक शायरी
फिसलना भी अच्छा है, इससे पैरों की पकड़ मजबूत होती है, ठोकरें खाकर ही इंसान चलना सीखता है।
गिरना बुरा नहीं है, गिरकर वहीं पड़े रहना सबसे बड़ी हार है। हर ठोकर एक नया सबक सिखाती है।
ठोकरें खाकर ही इंसान चलना सीखता है, यही है जीवन की असली पाठशाला।
गिरना भी अच्छा है, संभलना सीख जाओगे। ठोकरों के बाद ही चलना सीख जाओगे। रास्ते चाहे कितने भी हों दुर्गम बन्दे, तू कदम बढ़ा तो सही, रास्ता खुद पा जाओगे।
पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों में जान होनी चाहिए, आसमान को छूने की दिल में पहचान होनी चाहिए। जो डरते नहीं ठोकरों के खाने से यारों, उनकी हर एक हार भी बहुत महान होनी चाहिए।