#कक्षा 4 कविताएँ
हिन्दी
✍️ रचनाकार: Site Admin
नम्रता
“
ज्ञान हो तो नम्र रहो,
घमंड ज्ञान गिराए।
सुनने वाले कान रखो,
बोलने से पहले सोचो।
”
घमंड ज्ञान गिराए।
सुनने वाले कान रखो,
बोलने से पहले सोचो।
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