#पॉजिटिव थिंकिंग
हिन्दी
मन की ताकत
“
मन के हारे हार है और मन के जीते जीत,
जो कभी ना माने हार वही रचता है रीत।
अपने भीतर की ताकत को पहचानो जरा,
तू ही है जो लिख सकता है अपनी ही जीत।
”
जो कभी ना माने हार वही रचता है रीत।
अपने भीतर की ताकत को पहचानो जरा,
तू ही है जो लिख सकता है अपनी ही जीत।
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