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लघु कथाएँ

आखिरी लालटेन

हिन्दी · 1 min · ShayariForYou

गाँव की आखिरी लालटेन मोहन के दरवाज़े पर जलती थी। बिजली आने के बाद भी वह उसे इसलिए जलाता रहा कि रात को लौटने वाला बेटा दूर से घर पहचान सके। एक शाम बेटा जल्दी आ गया और बोला, अब फ़ोन में रोशनी है। मोहन मुस्कुराया, लालटेन बुझा दी, और पहली बार अँधेरे बरामदे में बेटे के साथ चाय पी।
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आखिरी लालटेन

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प्रेम कहानी

रिया ने अरुण को भीगते हुए इसलिए नहीं पुकारा कि वह छाता लाए। उसने पुकारा क्योंकि बारिश में अरुण का नाम लेना उसे घर जैसा लगता था। अरुण छाता भूल आया, पर दो स्टूल छत के नीचे खिसका दिए। कहानी वहीं पूरी हुई, जहाँ दोनों ने एक ही दिशा में पानी गिरते देखा।

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