#बेवफा शायरी
हिन्दी
टूटी डोर
“
भरोसे की डोर इतनी कच्ची थी न निकलो, एक ही झटके में सारे रिश्ते तार-तार हो गए।
”
👁️ 2 बार पढ़ा गया
❤️ लोगों ने पसंद किया
पाठकों की टिप्पणियाँ (Comments)
अभी कोई टिप्पणी प्रकाशित नहीं हुई है। पहले पाठक बनकर अपनी राय दें!
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें।