#बेवफा शायरी
हिन्दी
खामोश आंसू
“
आँखों के आंसुओं को खामोश ही रहने दो, बेवफा के सामने रोने से क्या फायदा यारों।
”
👁️ 3 बार पढ़ा गया
❤️ लोगों ने पसंद किया
पाठकों की टिप्पणियाँ (Comments)
अभी कोई टिप्पणी प्रकाशित नहीं हुई है। पहले पाठक बनकर अपनी राय दें!
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें।